तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया रिव्यु। रोबोट और इंसान उनके बीच की प्रेम कहानी जो देखना बिल्कुल नामुमकिन सा लगता है।
मूवी के स्टार कास्ट :
शाहिद कपूर, कृति सेनन ,धर्मेंद्र and डिंपल कपाड़िया, राकेश बेदी, और राजेश कुमार।
डायरेक्टर:
अमित जोशी और आराधना शाह।
मूवी का रनटाइम:
2 घंटे 23 मिनट।
मूवी आपको देखनी चाहिए या नहीं:
इस मूवी को देखने में कोई सेंस नहीं है। रोबोट और इंसान उनके बीच की प्रेम कहानी जो देखना बिल्कुल नामुमकिन सा लगता है।
स्टोरी लाइन:
शाहिद कपूर जो एक रोबोट इंजीनियर का किरदार निभा रहे हैं उन्हें बुरे सपने आते हैं कि उनकी शादी रोबोट से हो गई है। शाहिद कपूर जिन्होंने आर्यन की भूमिका निभाई है उनकी चाची उन्हें अमेरिका बुलाती है। अमेरिका में आर्यन शिप्रा नामक रोबोट से मिलते हैं जिसका किरदार कीर्ति सेनन द्वारा निभाया गया। आर्यन को तब यह नहीं पता होता है कि कीर्ति एक रोबोट है। जब आर्यन को कीर्ति से प्यार हो जाता है और उसके बाद उसे पता चलता है कि कीर्ति एक रोबोट है तो आर्यन का दिल टूट जाता है।
आर्यन के घर वाले आर्यन के पीछे शादी के लिए पड़े हुए हैं। अब आर्यन अपने घर वालों को अपनी रोबोट गर्लफ्रेंड से कैसे मिलवाता है और आगे क्या होता है यह देखने के लिए यह पूरी पिक्चर बनी गई है। यह तो ठीक था की शुरुआती कुछ समय में दोनों के बीच का इंट्रोडक्शन दिखाया गया है और आपस का तालमेल दिखाया गया है। पर जब बात मिलन की आती है और उसके बाद भी आर्यन को पता नहीं चलता है की कृति सनों एक रोबोट है तो यह कहानी कुछ अजीब सी ही लगती है।
आपको यह मूवी इंटरेस्ट बनाए रखने में नाकामयाब सी होते हुए दिखाई देती है। बीच बीच में कई बार आपको यह महसूस होगा कि मूवी खींची खींची सी और ट्रैक से बाहर जा रही है।
एक्टिंग रिव्यू:
अगर अब हम एक्टिंग की बात करें तो कीर्ति सेनन ने रोबोट का किरदार बखूबी निभाया है। उसने रोबोट की किरदार को पूरा का पूरा न्याय दिया है। शाहिद कपूर जो आर्यन की भूमिका इस मूवी में कर रहे हैं उनका भी रोल ठीक ठाक है। फिर भी यह मूवी हमें उतना इंटरेस्ट मेंटेन रखने में असफल ही साबित हुई है।
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डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले:
स्टोरी खींची खींची है। इसके पहले भी हमने टीवी सीरियल में रोबोट और इंसान की प्रेम कहानी अच्छी थी। इसमें कुछ नयापन नहीं है। सिर्फ रोबोट और इंसान की प्रेम कहानी दिखाना ही सब कुछ नहीं होता। साथ ही ऑडियंस का कहानी में इंटरेस्ट बनाए रखना यह अच्छी स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन की निशानी होती है जिसके लिए यह फिल्म कुछ नहीं कर पाई।
आखिर में:
अगर आपको आपके पैसे वेस्ट नहीं करने हैं और बेफिजूल का टाइम भी खर्च नहीं करना है तो इस फिल्म से आप दूर ही रहे। इस फिल्म को हमारी तरफ से वन एंड हाफ स्टार।

